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विशेष लेख

26. सम्मेदशिखरजी संरक्षण एवं सम्बर्धन: संयुक्त सर्वेक्षण की आवश्यकता

 मुकुट सप्तमी-              *सम्मेद शिखरजी संरक्षण एवं संवर्धन: संयुक्त सर्वेक्षण की आवश्यकता*  ***********************************************************          श्री सम्मेद शिखरजी (पारसनाथ पर्वत) जैन धर्म की आस्था का सर्वोच्च केंद्र और 20 तीर्थंकरों की निर्वाण भूमि है। वर्तमान समय में तीर्थ की पवित्रता, भौगोलिक सीमाओं, ऐतिहासिक अभिलेखों और टोंकों के मूल वीतरागी स्वरूप के समक्ष विविध चुनौतियाँ (जैसे अनधिकृत निर्माण, अतिक्रमण, सामाजिक/धार्मिक विवाद एवं अनियंत्रित पर्यटन) उत्पन्न हो रही हैं।        इन चुनौतियों के स्थायी और प्रामाणिक समाधान के लिए दिगम्बर एवं श्वेताम्बर समाज के साझा मंच द्वारा एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ सर्वेक्षण दल गठित किया जाना समय की मांग है। *प्रस्तावित सर्वेक्षण दल की संरचना*-       सर्वेक्षण दल को बहुआयामी दृष्टिकोण देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के शीर्ष विशेषज्ञों को सम्मिलित किया जाना प्रस्तावित है- *कार्यक्षेत्र-प्रस्तावित प्रतिनिधि-विशेषज्ञ-* * न्यायिक एवं वि...

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